सीएसओ प्रस्तावों
ज़िला : Jharsuguda
विषय/शीर्षक :
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGS) और वन अधिकार अधिनियम (FRA) के माध्यम से आजीविका के अधिकार पर भेदभावरहित पहुँच की सुविधा। |
VICALP परियोजना का लक्ष्य अधिकार, हक और सामाजिक रूप से बहिष्कृत समूहों के बुनियादी सेवाओं को सुनिश्चित करना है।
परियोजना का उद्देश्य रूप से सामाजिक रूप से बहिष्कृत समूहों के लिए वन, भूमि, रोजगार और आजीविका पर अवसरों की बराबर और भेदभावरहित पहुँच है। विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सेवाओं के अधिकार और महिलाओं की हकदारी पर पहुँच में।
VICALP परियोजना उड़ीसा में कंधमाल और झारसुगुडा जिलों के 394 गांवों में काम कर रही है। पैक्स परियोजना को चार सालों के लिए सहायता प्रदान कर रहा है।
ज़िला: झारसुगुदा, मलकानगिरी, नवापाड़ा, सम्बलपुर
विषय/शीर्षक :
स्वास्थ्य के माध्यम से बुनियादी सेवाओं पर भेदभाव रहित पहुँच की सुविधा। |
OVHA परियोजना का लक्ष्य महिलाओं और किशोरों के लिए प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार प्रदान करना है।
परियोजना का उद्देश्य महिलाओं, विशेष रूप से बहिष्कृत समूहों की महिलाओं के लिए भेदभाव रहित स्वास्थ्य सेवाओं पर पहुँच की सुविधा सुनिश्चित करना है। OVHA परियोजना उड़ीसा में मलकानगिरी, देवगढ़, नुआपाड़ा, संबलपुर और झारसुगुडा जिलों के 210 चयनित गांवों में काम करेगी।
OVHA का उद्देश्य
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गरीब और बहिष्कृत समूहों के सरोकारों को व्यक्त करता करने के लिए समुदाय आधारित संगठनों (सीबीओ) को मजबूत बनाना।
भुवनेश्वर-751 006,
उड़ीसा, भारत
ज़िला : Kalahandi
विषय/शीर्षक :
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGS) , राजस्व भूमि और कौशल निर्माण। |
जन सहज्या परियोजना का लक्ष्य सशक्तिकरण के माध्यम से सामाजिक रूप से बहिष्कृत समूहों के लिए भूमि और आजीविका के अधिकार को प्राप्त करना है।
परियोजना उड़ीसा में कालाहांडी और कंधमाल जिलों के 378 गांवों में काम कर रही है। पैक्स परियोजना को चार सालों के लिए सहायता प्रदान कर रहा है।
जन सहज्या का उद्देश्य
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स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) संघ की बैठकों, ग्राम सभा और पंचायत की बैठकों जैसी इस तरह की बैठकों में भागीदारी के माध्यम से समुदाय/गाँव/पंचायत स्तर के संस्थानों को मजबूत बनाना।
स्ट-संतपुर, नरला रोड,
जिला कालाहांडी - 110 766,
उड़ीसा, भारत
ज़िला : सुन्दरगढ़
विषय/शीर्षक :
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGS) और वन अधिकार अधिनियम (FRA) के माध्यम से भेदभावरहित आजीविका अधिकारों पर पहुँच की सुविधा। |
दिशा परियोजना का लक्ष्य मनरेगा, वन अधिकार अधिनियम और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), मुसलमानों और महिलाओं के लिए हकों को सुनिश्चित करना है।
परियोजना का उद्देश्य जवाबदेह और पूर्व-सक्रिय स्थानीय स्वशासन पंचायतों के माध्यम से सामाजिक रूप से बहिष्कृत समुदायों के लिए आजीविका सुरक्षा प्रदान करना है।
दिशा परियोजना उड़ीसा में सुंदरगढ़ जिले के 288 गांवों में काम कर रही है। पैक्स परियोजना को चार सालों के लिए सहायता प्रदान कर रहा है।
बिसरा, पिन कोड -770 036,
जिला - सुंदरगढ़,
उड़ीसा, भारत
ज़िला: कालाहांडी, नवरंगपुर, सम्बलपुर
विषय/शीर्षक :
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGS), वन अधिकार अधिनियम (FRA), राजस्व भूमि और कौशल निर्माण के माध्यम से भेदभावरहित आजीविका के अधिकार पर पहुँच की सुविधा। |
CWS परियोजना का लक्ष्य संस्थागत और क्षमता निर्माण के उपायों के माध्यम से सामाजिक रूप से बहिष्कृत समुदायों और महिलाओं के संसाधन और आजीविका अधिकार को सुनिश्चित करना है।
परियोजना का उद्देश्य भूमि संसाधन और रोजगार हकों पर पहुँच सुनिश्चित करने के द्वारा सामाजिक रूप से बहिष्कृत समुदायों के लिए स्थायी आजीविका सुनिश्चित करना है।
CWS परियोजना उड़ीसा में नबरंगपुर, कालाहांडी और संबलपुर जिलों के 220 गांवों में काम कर रही है। पैक्स परियोजना को चार सालों के लिए सहायता प्रदान कर रहा है।
हाउस न. 12-13-438,स्ट्रीट नंबर 1,
तरनाका, सिकंदराबाद - 500 017,
आंध्र प्रदेश, भारत
ज़िला : दुमका
विषय/शीर्षक :
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम मनरेगा के माध्यम से भेदभावरहित आजीविका अधिकारों पर पहुँच की सुविधा। |
चेतना विकास परियोजना का लक्ष्य मनरेगा योजना में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से महिलाओं और विकलांगता के साथ जी रहे व्यक्तियों (PWD) के लिए आजीविका के अवसरों में सुधार करना है।
परियोजना का उद्देश्य सामाजिक रूप से बहिष्कृत समुदायों के लिए सम्मानजनक, टिकाऊ आजीविका प्रदान करना है। चेतना विकास परियोजना झारखंड में देवघर और दुमका जिलों के 448 गांवों में काम कर रहा है।
बाई पास रोड, बैजनाथपुर,
रामपुर -814117,
जिला - देवघर,
झारखंड, भारत
33 नई सी.एस.ओ. परियोजनाओं का सार
ये परियोजनाएं सामाजिक रूप से बहिष्कृत समूहों के साथ काम करती हैं, ताकि 90 पैक्स लक्षित जिलों में उन्हें उनके अधिकारों और हकों को अधिक प्रभावी ढंग प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाया जाए।
इन 90 परियोजनाओं का ध्यान दो प्रमुख विषयों में सामाजिक रूप से बहिष्कृत समूहों के लिए भेदभावरहित पहुँच की सुविधा पर केंद्रित है:



